क्या Blue Cut Lenses आंखों के लिए जरूरी हैं? जानिए Blue Light, Screen Time और Eye Strain की पूरी सच्चाई

क्या आपको भी मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर पर लंबे समय तक काम करने के बाद आंखों में जलन, थकान, सूखापन या दर्द महसूस होता है? ऐसे में आपने शायद Blue Cut Lenses या Blue Light Blocking Glasses के बारे में सुना होगा।

आजकल बाजार में इन लेंसों को स्क्रीन से निकलने वाली Blue Light से आंखों को बचाने के लिए काफी प्रमोट किया जाता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या Blue Cut Lenses वास्तव में आंखों के लिए जरूरी हैं? क्या ये आंखों की थकान और Dry Eye को रोकते हैं?

Aaj Tak से बातचीत में डॉ. इकेडा लाल ने भी इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उनके अनुसार, Blue Cut Lenses को आंखों के लिए बेहद फायदेमंद साबित करने वाले पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

Blue Light क्या होती है?

Blue Light दिखाई देने वाली रोशनी के स्पेक्ट्रम का एक हिस्सा है। यह केवल मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन से नहीं आती, बल्कि सूरज की रोशनी और LED जैसी artificial lighting में भी मौजूद होती है।

इसलिए यह मानना सही नहीं है कि Blue Light केवल मोबाइल और लैपटॉप से ही आंखों तक पहुंचती है। American Academy of Ophthalmology के अनुसार, डिजिटल स्क्रीन से मिलने वाली Blue Light की मात्रा सूर्य की रोशनी की तुलना में काफी कम होती है और अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि सामान्य स्क्रीन उपयोग से मानव आंखों की retina को नुकसान होता है।

क्या मोबाइल और कंप्यूटर की Blue Light आंखों को नुकसान पहुंचाती है?

यह सबसे आम सवाल है।

लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में:

  • थकान
  • जलन
  • Dryness
  • आंखों में भारीपन
  • धुंधला दिखाई देना
  • सिरदर्द
  • आंखों के आसपास discomfort

जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

लेकिन इन लक्षणों का मुख्य कारण केवल Blue Light नहीं माना जाता। लंबे समय तक स्क्रीन देखने के दौरान हम कम पलक झपकाते हैं, जिससे आंखों की सतह पर मौजूद tear film तेजी से सूख सकती है। लगातार एक ही दूरी पर स्क्रीन देखने और पर्याप्त breaks न लेने से भी digital eye strain बढ़ सकता है।

Blue Cut Lens समस्या का इलाज नहीं है

Blue Cut Lens कुछ Blue Light को filter कर सकता है, लेकिन इसे Dry Eye, eye strain या किसी अन्य eye disease का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।

American Academy of Ophthalmology भी सामान्य computer use के लिए special blue-light-blocking eyewear को आवश्यक नहीं मानती, क्योंकि इनके प्रभावी होने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं।


फिर स्क्रीन देखने से आंखें क्यों थकती हैं?

इसके कई कारण हो सकते हैं।

1. कम पलक झपकाना

जब हम मोबाइल या कंप्यूटर पर ध्यान लगाकर देखते हैं, तो हमारी blinking कम हो जाती है। इससे आंखों की सतह पर नमी कम हो सकती है और dryness तथा irritation महसूस हो सकती है।

2. लगातार एक ही दूरी पर देखना

कई घंटों तक लगातार पास की स्क्रीन देखने से आंखों के focusing system पर strain पड़ सकता है।

3. लंबे समय तक बिना Break के स्क्रीन देखना

बिना आराम किए लगातार स्क्रीन देखने से digital eye strain के symptoms बढ़ सकते हैं।

4. गलत स्क्रीन Brightness और Glare

बहुत ज्यादा brightness, reflections और आसपास की खराब lighting भी visual discomfort को बढ़ा सकती है।

5. गलत नंबर का चश्मा

अगर आपके चश्मे का नंबर सही नहीं है या कोई refractive error ठीक से corrected नहीं है, तो लंबे समय तक स्क्रीन देखने पर discomfort और eye strain ज्यादा महसूस हो सकता है।


20-20-20 Rule क्या है?

Screen users के लिए एक आसान तरीका है 20-20-20 Rule।

हर 20 मिनट में:

👁️ स्क्रीन से नजर हटाएं
⏱️ लगभग 20 सेकंड तक
📍 करीब 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें।

इससे आंखों को लगातार एक ही दूरी पर focus करने से छोटा सा break मिलता है। American Academy of Ophthalmology भी digital eye strain कम करने के लिए regular breaks और 20-20-20 rule की सलाह देती है।

Article source: aajtak

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